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मन की बात PM मोदी के साथ :- भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला करता है, सभी को मिलकर इसे खत्म करना है, जानिए ‘मन की बात’ में पीएम ने और क्या बातें कही

नई दिल्ली, 30 जनवरी :- मन की बात PM मोदी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला करता है, ऐसे में हमें अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि जहां कर्तव्य सर्वोपरि होता है वहां भ्रष्टाचार नहीं रह सकता।

मन की बात PM मोदी के साथ

आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात कार्यक्रम’ में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला करता है। लेकिन उससे मुक्ति के लिए 2047 का इंतजार क्यों ?

’’ उन्होंने कहा, ‘‘ ये काम हम सभी देशवासियों को, आज की युवा-पीढ़ी को मिलकर करना है, जल्द से जल्द करना है और इसके लिए बहुत जरुरी है कि हम अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दें। जहां कर्तव्य निभाने का एहसास होता है, कर्तव्य सर्वोपरि होता है, वहाँ भ्रष्टाचार फटक भी नहीं सकता।’’

मन की बात PM मोदी के साथ
मन की बात PM मोदी के साथ

प्रधानमंत्री ने यह बात उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की नव्या वर्मा के पोस्टकार्ड में अपने सपने के बारे में लिखी बातों के जवाब में कही। मोदी ने बताया कि उन्हें प्रयागराज की नव्या वर्मा ने पोस्टकार्ड भेजकर लिखा है कि उनका सपना 2047 में ऐसे भारत का है जहाँ सभी को सम्मानपूर्ण जीवन मिले,

जहाँ किसान समृद्ध हों और भ्रष्टाचार न हो। उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव पर उन्हें ढेरों पत्र और संदेश मिलते हैं जिनमें कई सुझाव भी होते हैं और इसी श्रृंखला में उन्हें एक करोड़ से ज्यादा बच्चों ने अपने मन की बात पोस्टकार्ड के जरिए लिखकर भेजी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा गांधी की 74वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना की नयी लहर से भारत बहुत सफलता के साथ लड़ रहा है और यह गर्व की बात है कि अब तक करीब साढ़े चार करोड़ बच्चों ने कोरोना रोधी टीके की खुराक ले ली है।

उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि 15 से 18 साल आयु-वर्ग के लगभग 60 प्रतिशत युवाओं ने तीन से चार हफ्ते में ही टीके लगवा लिए हैं। इससे न केवल हमारे युवाओं की रक्षा होगी बल्कि उन्हें पढाई जारी रखने में भी मदद मिलेगी।

 

मोदी ने कहा कि एक और अच्छी बात यह भी है कि 20 दिन के भीतर ही एक करोड़ लोगों ने एहतियाती खुराक भी ले ली है। देशी टीके पर देशवासियोँ के भरोसे को बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अब कोरोना संक्रमण के मामले भी कम होने शुरू हुए हैं जो बहुत सकारात्मक संकेत है। लोग सुरक्षित रहें, देश की आर्थिक गतिविधियों की रफ़्तार बनी रहे – हर देशवासी की यही कामना है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘स्वच्छता अभियान’ का उल्लेख किया तथ एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ अभियान में और तेज़ी लाने की जरूरत बतायी। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारी जिम्मेवारी है,

हमें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए जी-जान से जुटे रहना है। उन्होंने पंडित मदन मोहन मालवीय का उल्लेख भी किया जिन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की स्थापना की और महात्मा गांधी ने गुजरात विद्यापीठ के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

मोदी ने बताया कि लद्दाख को जल्द ही एक शानदार ओपन सिंथेटिक ट्रैक और एस्ट्रो टर्फ फुटबाल स्टेडियम मिलने वाला है। उन्होंने बताया कि यह स्टेडियम 10,000 फुट से अधिक की ऊँचाई पर बन रहा है और इसका निर्माण जल्द पूरा होने वाला है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गैंडों के शिकार के खिलाफ असम सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान का भी जिक्र किया और गैंडों को बचाने के लिए असम के लोगों के संकल्प की सरहाना की। वर्ष 2022 के पहले ‘मन की बात’ संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में राजपथ पर हमने देश के शौर्य और सामर्थ्य की जो झाँकी देखी,

उसने सबको गर्व और उत्साह से भर दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश इन प्रयासों के जरिए अपने राष्ट्रीय प्रतीकों को पुन: प्रतिष्ठित कर रहा है। प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित किये जाने का भी जिक्र किया।

मोदी ने कहा, ‘‘हमने देखा कि इंडिया गेट के समीप ‘अमर जवान ज्योति’ और पास में ही ‘राष्ट्रीय समर स्मारक’ पर प्रज्ज्वलित ज्योति को एक किया गया जो यह एक भावुक पल था।’’ उन्होंने कहा कि देश में अभी पद्म सम्मान की भी घोषणा हुई है। पद्म पुरस्कार पाने वाले में कई ऐसे नाम भी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये हमारे देश के अनाम हीरो हैं, जिन्होंने साधारण परिस्थितियों में असाधारण काम किए हैं।’’ उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव के आयोजनों के बीच देश में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिए गए। उनमें से एक है- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार। ये पुरस्कार उन बच्चों को मिले जिन्होंने छोटी सी उम्र में साहसिक और प्रेरणादायी काम किए हैं।

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