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पुलिस कप्तान ने किया थानेदार को लाइन अटैच… पुलिस कप्तान के आदेशों को ठेंगा दिखाता यह थानेदार

पुलिस कप्तान बलरामपुर के आदेशों को ठेंगा दिखाता यह थानेदार, आखिरकार मुझे न्याय कब मिलेगा – पीड़ित

बलरामपुर, वाड्रफनगर – आम व्यक्ति जब किसी व्यक्ति के साथ अन्याय करता है तो स्थानीय पुलिस धरती का भगवान बनकर उस पीड़ित को न्याय दिलाने पूरी निष्ठा के साथ भीड़ जाती है, और किसी भी क्षेत्र में यदि पुलिस ही परेशान करने लगी आमजन को तो आखिर भला वह कहां जाए।

बलरामपुर जिले के अंतर्गत थाना बसंतपुर आता है। जहां पीड़ित जयगोविंद देवांगन अपने परिवार का लालन-पालन करने के लिए चाय की स्टॉल प्रेमनगर स्थित तिराहे पर लगाता है।

पीड़ित ने पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज को एक लिखित आवेदन दिनांक 22/01/2021 को देकर यह आरोप लगाया है, कि प्रधान आरक्षक अश्विनी सिंह, आरक्षक इनाम खान व आरक्षक शिवपूजन सिंह, के द्वारा आबकारी एक्ट में छोड़ने के एवज में 30,000 रुपए की मांग की गई ।

जिसमें से पीड़ित के द्वारा 15000 रुपए देने के बाद भी पुलिस के द्वारा कार्यवाही कर दिया,मैंं गरीब हूं जब मेरे ऊपर कार्यवाही हो ही गई,तो मैं कर्ज लेकर 15000 पुलिस वाले को दिया हूंं, उसे वापस कराया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

दिनांक 25/01/2021 को भारत सम्मान के द्वारा जब इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया तो मामले में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज ने बलरामपुर पुलिस अधीक्षक को मौखिक आदेश देते हुए कहा जल्द जांच पूर्ण कर कार्यवाही कि जाए,

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर रामकृष्ण साहू के द्वारा दिनांक 29/01/2021 को एक आदेश जारी कर प्रधान आरक्षक अश्विनी सिंह व आरक्षक शिवपूजन सिंह को लाइन अटैच करते हुए रक्षित केंद्र बलरामपुर भेजा गया। इसके बावजूद मामले में संलिप्त आरक्षक इनाम खान यथावत बसंतपुर थाने में पदस्थ है। 

पुलिस अधीक्षक ने अपना काम करते हुए प्रधान आरक्षक व आरक्षक को लाइन अटैच किया पर बसंतपुर थानेदार राजकुमार लहरे द्वारा पुलिस अधीक्षक के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए अवैध उगाही के लिए सिर्फ कागजों में दोषी पुलिसकर्मियों को थाने से भेजा दिया,

जबकि धरातल स्थिति बयां करती है कि आरक्षक व प्रधान आरक्षक आज भी ट्रकों से अवैध वसूली का काम करते हुए आसानी से थाना अंतर्गत स्थित बैरियर में दिख जाएंगे।

रिश्वतखोरी अधिकारियों के जेहन में इस कदर घर चुकी है कि, उच्चाधिकारियों के भी आदेशों को ताक में रखकर कार्य किया जा रहा है अब देखना यह लाजमी होगा कि

पुलिस अधीक्षक बलरामपुर की प्रतिक्रिया क्या होगी? पीड़ित आज भी भय में जी रहा है। अब देखना यह है कि मनमानी करने वाले थानेदार के ऊपर गाज गिरती है या नहीं।

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