Homeअंतरराष्ट्रीयजेलेंस्की की हुंकारः कदम दर कदम रूसी सेना को यूक्रेन की सरजमीं...

जेलेंस्की की हुंकारः कदम दर कदम रूसी सेना को यूक्रेन की सरजमीं छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं


कीव. कीव. रूस-यूक्रेन युद्ध तीसरे महीने में प्रवेश करने वाला है लेकिन युद्ध समाप्ति के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बार फिर हुंकार भरते हुए कहा है कि हम अपनी जमीन की हर हाल में रक्षा करेंगे. उन्होंने कहा कि हम कदम दर कदम, हम रूसी सैनिकों को यूक्रेन की सरजमीं छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं. उनका यह आशावादी बयान ऐसे वक्त आया है जब यूक्रेन एक अंतरराष्ट्रीय संगीत प्रतियोगिता में पुरस्कार जीता है. इसमें गाया गीत स्टेफेनिया युद्ध काल में आज देश का सबसे लोकप्रिय गीत बन गया है. दूसरी ओर फिनलैंड और स्वीडन के नाटो में शामिल होने की खबरों से भी यूक्रेन उत्साहित है. हालांकि रूस ने हमला करना जारी रखा है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके शहर मारियुपोल में एक दिन गीत प्रतियोगिता आयोजित करने का रविवार को आह्वान किया. यूक्रेन के कलुश ऑर्केस्ट्रा ने अपने गीत ‘‘स्टेफेनिया’’ के लिए यह लोकप्रिय प्रतियोगिता जीत ली है. यह गीत युद्ध के दौरान यूक्रेन के नागरिकों के बीच लोकप्रिय हो गया और इसे पुरस्कार मिलना देश का मनोबल बढ़ाने वाला है. जेलेंस्की ने फेसबुक पर कहा, हमारे साहस ने दुनिया को प्रभावित किया है, हमारे संगीत ने यूरोप को जीत लिया है. अगले साल यूक्रेन यूरोविजन की मेजबानी करेगा.

डोनबास में हालात बहुत मुश्किल
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सेना ने पूर्वी क्षेत्र में भी प्रगति की है और छह शहरों या गांवों को फिर से अपने कब्जे में लिया है. शनिवार रात को दिए संबोधन में उन्होंने कहा, डोनबास में हालात बहुत मुश्किल हैं और रूसी सेना अब भी किसी न किसी तरह विजयी होने की कोशिश में लगी है. राष्ट्रपति ने कहा, कदम दर कदम, हम रूसी सैनिकों को यूक्रेन की सरजमीं छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं. रूसी सीमा के पास स्थित खारकीव में हफ्तों से भीषण बमबारी हो रही है. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह सिनेगुबोव ने बताया कि यूक्रेन ने खारकीव के दक्षिण में स्थित शहर लिजियम के समीप आक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया है. यूक्रेन की सेना के स्वतंत्र विश्लेषक ओलेह झदानोव ने बताया कि सेवेरोदोनेत्स्क शहर के पास सिवेस्की दोनेत्स क्षेत्र में भीषण लड़ाई हुई लेकिन यूक्रेन, रूस की बढ़त रोकने में नाकाम रहा. हालांकि, रूसी सेना को यूक्रेन के हमले में काफी नुकसान पहुंचा है. युद्ध के कारण यूक्रेन के अनाज को रूस ने बंदरगाह पर रोक दिया है. इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि इससे दुनिया में खाद्य संकट पैदा हो सकता है. इस युद्ध ने अन्य देशों के बीच चिंता पैदा कर दी है कि अगला नंबर उनका हो सकता है.

नाटो में शामिल होने पर फिनलैंड का मंथन
इधर, पिछले सप्ताह फिनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने कहा कि वे नाटो की सदस्यता लेना चाहते हैं. स्वीडन में अधिकारियों के रविवार को इस पर फैसला लेने की संभावना है कि वे नाटो में शामिल होंगे या नहीं. पुतिन ने शनिवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति सौली निनिस्तो को फोन कर कहा कि फिनलैंड की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और नाटो में शामिल होना एक गलती होगी तथा इसका रूस-फिनलैंड संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ेगा. फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मरीन ने कहा कि नाटो में शामिल होने से फिनलैंड के लिए शांति और सुरक्षा की गारंटी में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, हमने रूस के साथ युद्ध किए हैं और हम अपने लिए या अपने बच्चों के लिए ऐसा भविष्य नहीं चाहते हैं. उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का विस्तार होने की भी संभावना बन रही है. फिनलैंड और स्वीडन ने नाटो में शामिल होने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं. इसके साथ ही यूरोप में तटस्थ रहने वाले देशों की संख्या में और कमी आ जाएगी. इन दो नॉर्डिक देशों की तरह अन्य देश भी यूरोपीय संघ में इसलिए शामिल हुए थे ताकि पूर्व-पश्चिम समूह में विभाजित हुए बिना यूरोप की आर्थिक और राजनीतिक एकता को मजबूत किया जा सके.


रूसी सैनिक पीछे हट रहे है

यूक्रेन की सेना ने कहा कि रूसी सैनिक उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव से पीछे हट रहे हैं और अब अपना पूरा ध्यान आपूर्ति मार्ग की सुरक्षा पर केंद्रित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रूसी सेना ने पूर्वी इलाके दोनेत्स्क में मोर्टार, तोपों के साथ-साथ हवाई हमले शुरू किए हैं ताकि यूक्रेनी सैनिकों को निशाना बनाया जा सके और उनकी मोर्चाबंदी को नष्ट किया जा सके. यूक्रेन के रक्षामंत्री ओलेक्सी रेज़निकोव ने कहा, यूक्रेन दीर्घकालिक युद्ध के नए दौर में प्रवेश कर रहा है. रूस की सेना ने यूक्रेन के दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है जो पूर्वी डोनबास क्षेत्र के तहत आता है, जहां यूक्रेन की सेना 2014 से मॉस्को समर्थित अलगाववादियों से लड़ रही है. दक्षिण डोनबास में अजोव सागर के बंदरगाह शहर मारियुपोल पर काफी हद तक रूस का नियंत्रण है और यूक्रेन के कुछ सैनिक एक इस्पात संयंत्र में छिपे हुए हैं.

Tags: NATO

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments