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बीजेपी में बड़े बदलाव के संकेत, रमन गुट की क्या जल्द होगी छुट्टी, नजर आएंगे नये चेहरे?


रायपुर. लगातार 15 सालों तक सत्ता चलाने के बाद साल 2018 में विपक्ष में आई छत्तीसगढ़ बीजेपी के अब तक मजबूत विपक्ष की भूमिका सवालों के घेरे में रही है.  गाहे-बगाहे नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा होते ही रही है. छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक रामअवतार शर्मा का कहना है कि मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष सहित संगठन के अन्य बड़े पदाधिकारी रमन गुट के हैं और जो धार विपक्ष में होना चाहिए वह धार धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा. इन सब के बीच एक बार फिर बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव की बयार बहने लगी है. बदलाव के बयार को उस वक्त और हवा मिली जब राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक से रायपुर लौटे डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुछ नेता को  कपड़े सिलवा कर बैठे हुए हैं.

बीजेपी में बदलाव के इस बयार पर कांग्रेस चुटकी लेते हुए कह रही हैं कि बीजेपी संगठन ताश के 52 पत्तों की तरह है, जिसे भी जिम्मेदारी दी जाए सब के सब दागदार हैं. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि बीजेपी नेतृत्व किसी को भी दे, लेकिन हाल जस का तस ही रहना है. क्योंकि छत्तीसगढ़ बीजेपी के सभी नेताओं का हाल एक जैसा ही है.

हाई कमान से लग चुकी फटकार
ऐसा नहीं हैं कि छत्तीसगढ़ संगठन में बदलाव की बयार कोरी बयार की तरह बह रही हो. दरअसर बीजेपी संगठन में जिम्मेदारों के कार्यों से संगठन आला कमान बेहद ही नाराज चल रहा है. युवामोर्चा हो या महिला मोर्चा दोनों के प्रमुख जिम्मेदारों को कई बार फटकार लग चुकी है. मगर इसका व्यापक असर दिखाई नहीं दे रहा. इन सब के बीच जो चर्चा है वह यह कि प्रमुख पदों से औसत नेताओं की छुट्टी होगी. कार्यकारी पद देने की भी तैयारी में बीजेपी आला कमान है.

इसके अलावा अध्यक्ष का चेहरा बदलने चर्चा तेज, दो-तीन कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चा, युवा और महिला मोर्चे के अध्यक्ष को बदलने की भी चर्चा, अलग-अलग वर्ग के नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की तैयारी, सभी वर्गों को साधने संगठन में प्रमुख पद देने की कवायद, रमन गुट के ताकत को कम करने अन्य गुटों के नेताओं को एंट्री की भी चर्चा तेज है.

फीडबैक के आधार पर निर्णय
इन तमाम बड़े बदलावों की चर्चा के बीच बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव कहते हैं कि बीजेपी संगठन कांग्रेस के बयानों पर या मीडिया की चर्चा पर नहीं बल्कि फीडबैक के आधार पर कार्य करती है. गुजरात मंत्री मंडल बदलने, लोकसभा चुनाव में सांसदों के टिकट कांचने का उदाहरण देत हुए कहा कि कांग्रेस ने 125 सालों में जो कुछ निर्णय नहीं लिया वह बीजेपी ने 8 सालों में ले लिया है. बहरहाल छत्तीसगढ़ में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है. मौजूदा सत्ताधारी दल कांग्रेस दोबारा सत्ता पाने के लिए संगठन में कसावट शुरू कर चुकी है. वहीं बीजेपी सत्ता में वापसी के लिए अब भी कयासों और अटकलों पर ही चल रही है.

Tags: BJP, Chhattisgarh news, Raipur news

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