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अचानक आंगन में आ धमके हाथी, हलक में अटकी मां-बेटी की जान, ‘फरिस्ता’ बन पहुंची पुलिस, जानें डिटेल


कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला के कटघोरा वन मंडल के एतमानगर का गुरसिया हाथी प्रभावित इलाका है. यहां एक घर में रात को अचानक चार हाथी घर के आंगन में आ धमके. किसी तरह घर में मौजूद विवाहिता तो भाग निकली पर उसकी बुजुर्ग सास और दिव्यांग ननद घर में ही फंस गए. हाथियों से जान बचाने दोनों खाट के नीचे जा दुबके. करीब दो घंटे तक उनकी सांसे अटकी रही और हाथी के डर से छुपे रहे. विवाहिता की सूचना पर डायल 112  की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर उन्हे सुरक्षित स्थान पर छोंड़ा.

कटघोरा वनमंडल के एतमानगर वनपरिक्षेत्र में आठ हाथियों के दल ने डेरा डाल दिया है. बीते सोमवार की रात को दल के चार हाथियों ने गुरसियां के नेटी मुहल्ले में जमकर उत्पात मचाया. यहां निवासरत चेतराम यादव के घर के आंगन में हाथी जा धमके. घर पर चेतराम उपस्थित नहीं था. उसकी पत्नी कृष्णा यादव को इसकी भनक लग गई. जान बचाकर वह भाग निकली, लेकिन घर में बुजुर्ग सास मानकुंवर और दिव्यांग ननंद गीता घर में फंस गई. हाथी और उनके बीच एक कच्ची दीवार का फासला था। खाट के नीचे दोनों छुप कर बैठ गए और हाथी के वापस लौटने का इंतजार करते रहे.

112 की टीम ने ऐसे बचाई जान
सूचना डायल 112  की टीम को दी और टीम महिला के घर के निकट पहुंची. टीम ने देखा कि चारों हाथी उसके आंगन में खड़े थे. टीम घर के भीतर फंसे गीता और मानकुंवर बाहर निकालने की युक्ति बनाई. कुछ सदस्य एक छोर से हाथियों का ध्यान बंटाते रहे वहीं कुछ लोग घर के पीछे दरवाजे से प्रवेश कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और बस्ती में उनके स्वजनों के घर छोड़ा. हाथी घर को अधिक नुकसान पहुंचाते, इसके पहले उन्हे जंगल की ओर खदेड़ा गया. एतमानगर वन परिक्षेत्राधिकारी शहादत खान ने बताया कि हाथियों का दल गुरिसयां के जंगल में ही भ्रमण कर रहा है है. जंगल में चारा की कमी के चलते हाथी बस्ती के आसपास घरों में लगे बाड़ियों तक जा पहुंच रहे हैं.

कराया सुरक्षित प्रसव
एक अन्य मामले में मेडिकल इमरजेंसी की सूचना पर कटघोरा कोबरा 1 की टीम तत्काल रवाना होकर कॉलर के बताए हुए पते पर ग्राम बंचर सब स्टेशन मोहल्ला,मेन रोड से अंदर  पहुंच कर  प्रसव पीड़ित महिला के घर गई. वहां एक महिला जिसका नाम भारती पटेल प्रसव पीड़ा दर्द से तड़प रही थी. ईवीआर  टीम के स्टाफ के द्वारा  प्रसव पीड़ित महिला को घर परिवार के लोगों और गांव की मितानिन के साथ इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाने के लिए निकले. गांव से लगभग 8 किलोमीटर दूर रास्ते में प्रसव पीड़ा अत्यधिक होने से ईआरवी वाहन को रात्रि अंधेरे में ही सुरक्षित जगह देख रोका गया. गांव की मितानिन व परिजन की मदद से वाहन के अंदर ही  महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया गया. महिला ने स्वस्थ शीशु  को जन्म दिया,जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.

एसपी ने किया सम्मान
दोनों मामलो में  डायल 112  में कार्यरत ड्राइवर व जवानों को पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने पुरस्कृत किया है. हाथियों के दल के बीच से महिलाओं की जान बचाने और सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने के एक अन्य मामले में सहयोग देने के लिए बतौर पुरस्कार जवानों को पांच-पांच सौ रुपये के अलावा श्रीफल और साल प्रदान किया गया. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पटेल ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जवानों का सहयोग सराहनीय है. इससे अन्य टीम को भी प्रेरणा मिलेगी.

Tags: Chhattisagrh news, Korba news

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