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छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस ने तैयार किया ‘फॉर्मूला 75’, दूरी और समय में कौन होगा बलवान, देखें यह खास रिपोर्ट


रायपुर. छत्तीसगढ़ में अगले साल 2023 में विधानसभा चुनाव हैं. चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है. सत्ताधारी दल कांग्रेस और भाजपा ने चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं. कांग्रेस ने उदयपुर के चिंतन शिविर में तैयार हुए ‘फॉर्मूला 75’ पर काम तेज कर दिया है. वहीं भाजपा ने भी अपना ‘फॉर्मूला 75’ बनाया है. कांग्रेस के ‘फॉर्मूला 75’ के तहत कांग्रेस के विधायक समेत अन्य जनप्रतिनिधि ग्राउंड लेवल पर भ्रमण करेंगे. कांग्रेस नेता हर विधानसभा क्षेत्र में 75 किलोमीटर पैदल चलकर जनता से मुखातिब होंगे. इसमें कांग्रेस के विधायक और सांसद भी शामिल रहेंगे. वहीं भाजपा के ‘फॉर्मूला 75’ के तहत बीजेपी के सांसद, विधायक और पदाधिकारी बूथ में 15 दिनों में 75 घंटे का वक्त देंगे. इससे भाजपा भी जनता के बीच पकड़ बनाने को तैयार है.

चुनाव से पहले कांग्रेस के छूटेंगे पसीने
बता दें कि छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले ही कांग्रेस नेताओं के पसीने छूटने वाले हैं. क्योंकि प्रदेश कांग्रेस ने हर विधानसभा क्षेत्र में 75 किलोमीटर पैदल चलकर जनता के बीच जाने का फैसला लिया है. डिजिटल प्रचार के इस दौर में कांग्रेस ने नेताओं को घर से बाहर निकलकर मतदाताओं से सीधे मुखातिब होने के निर्देश दिए हैं. दरअसल उदयपुर के चिंतन शिविर के निर्देशों को लागू करने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए रायपुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने नव संकल्प शिविर का आयोजन किया. जिसमें ये फैसला लिया गया कि उदयपुर के चिंतन शिविर के हर एक निर्देश का पालन किया जाएगा. इसके अलावा मंथन से निकले 75 के फॉर्मूले को भी प्रदेश में लागू किया जाएगा. जिसमें हर विधानसभा क्षेत्र में 75 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी और आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर राजधानी में बड़ा आयोजन भी किया जाएगा.

उदयपुर चिंतन शिविर में लिया था फैसला
बता दें कि उदयपुर चिंतन शिविर में कांग्रेस ने हर जिले में 75 किलोमीटर की पदयात्रा निकालने का फैसला लिया था. लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे विधानसभावार कर दिया गया. इसकी बड़ी वजह एंटीइंकमबेंसी को दूर करना माना जा रहा है. पार्टी को लगातार शिकायत मिल रही थी कि कई विधायकों ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से दूरी बना ली है और जमीनी स्तर पर भी जनता से संवाद कम हो गया है. इसलिए जिले की जगह हर विधानसभा में 75 किलोमीटर तक विधायक, नेता और पदाधिकारी पैदल चलेंगे. पीसीसी संचार विभाग प्रमुख का कहना है कि इसका फायदा पार्टी को मिलेगा.

भाजपा ने भी कसी कमर, दिए निर्देश
वहीं कांग्रेस के साथ भाजपा ने भी अगले साल के चुनावों की तैयारी तेज कर दी है. हाल ही में बीजेपी की कार्य समिति और पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हुई थी. इस बैठक में प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने बीजेपी के विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों को 15 दिनों में 75 घंटे बूथ में बिताने का टारगेट दिया है. वहीं कांग्रेस के ‘फॉर्मूला 75’ पर हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेस बीजेपी की नकल कर रही है.

कांग्रेस पर तंज कसते हुए संजय श्रीवास्तव ने कहा कि जो विधायक साढ़े तीन साल में साढ़े सात किलोमीटर भी पैदल ना चले हों वो कहां 75 किलोमीटर पैदल चल पायेंगे. छत्तीसगढ़ की दोनों की प्रमुख पार्टियां 75 का फॉर्मूला लेकर मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी है. अब देखना होगा यह होगा कि कांग्रेस के 75 किलोमीटर ज्यादा भारी पड़ते हैं या बीजेपी के 75 घंटे. दूरी और समय में से कौन इस बार बाजी जीत पाता है.

Tags: Chhattisgarh news, Raipur news

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