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छत्तीसगढ़ से आयोध्या का संबंध हुआ और गहरा, राम मंदिर निर्माण के लिए भिलाई से आ रहा भूकंप रोधी सरिया


दुर्ग. भगवान श्री राम चंद्र जी के ननिहाल माने जाने वाले छत्तीसगढ से उनकी नगरी आयोध्या का संबंध और गहरा हो गया है. अब उनकी नगरी में बन रहे आयोध्या राम मंदिर में एशिया के सबसे बड़े भिलाई स्टील प्लांट का सरिया उपयोग किया जा रहा है. जो न सिर्फ मंदिर को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि श्रीराम चंद्र जी के ननिहाल छत्तीसगढ के साथ संबंध को और मजबूती प्रदान कर रहा है. इतना ही नहीं भिलाई ईस्पात संयंत्र देश की रक्षा और विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है. छत्तीसगढ को माता कौशल्या की धरती माना जाता है.

उस लिहाज से श्रीराम चंद्र जी का यह ननिहाल कहलाता है. माना जाता है कि जब श्रीराम चंद्र जी वनवास में थे तब उन्होने काफी वक्त छत्तीसगढ की धरती पर गुजारा था. इस कारण छत्तीसगढ का महत्व और अधिक है. इन रिश्तों के संबंधों को अब एशिया का सबसे बडा भिलाई ईस्पात संयंत्र अब और भी मजबूती प्रदान कर रहा है. देश की आस्था का केंद्र आयोध्या नगरी में बन रहे श्रीराम चंद्र जी के मंदिर में संयंत्र के द्वारा निर्मित किए जा रहे सरिया का उपयोग किया जा रहा है. जो न सिर्फ मंदिर को मजबूती प्रदान करेगा बल्कि रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगा.

भूकंप को रोकने खास तरह का इस्तेमाल
आयोध्या में बन रहे श्री राम चंद्र जी के मंदिर में भूकंप रोधी टीएमटी की सप्लाई भिलाई ईस्पात संयंत्र से की जा रही है। मंदिर निर्माण की मजबूती के लिए विशेष तरह के स्टील का उपयोग किया जा रहा है. जिसके लिए सेल-बीएसपी द्वारा अब तक विभिन्न आयामों के 550 डी ग्रेड की लगभग 190 टन से अधिक टीएमटी बार की सप्लाई की जा चुकी है.

बीएसपी की इस उपलब्धि से भिलाई वासी भी काफी खुश है और वे स्वयं को गौरान्वित महसूस करते हैं. भिलाई ईस्पात संयंत्र पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा रूस के सहयोग से स्थापित किया गया था. सेल की इस ईकाई ने शुरू से ही देश और विदेश में अपना लोहा मनवाया है. बीएसपी ने बेस्ट एंट्रीग्रेटेड स्टील प्लांट का प्रधानमंत्री ट्रॉफी 11 बार जीती है.

यह प्लांट है खास
यही नहीं दुनिया की सबसे लंबी 260 मीटर लंबी रेल पटरी का निर्माण सेल के बीएसपी प्लांट में किया जा रहा है. और इसरो के सेटेलाइट लांच पैड में भिलाई स्टील प्लांट से उत्पादित स्टील की प्लेट लगी है. भारत के प्रथम मानवयुक्त उपग्रह मिशन कार्यक्रम गगनयान के प्रक्षेपण के लिए किया जाएगा. भिलाई ईस्पात संयंत्र का स्टील अपनी खासियत और क्वालिटी के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है.

भिलाई स्टील प्लांट के स्टील उत्पादों ने देश के बड़े-बड़े परियोजनाओं को नई शक्ति दी है. रक्षा क्षेत्र, अधोसंरचतना क्षेत्र और रेल परिवहन क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट के स्टील का उपयोग होता है. बहरहाल उपलब्धियों का खजाना भिलाई ईस्पात संयंत्र ने अपन पास रखा है लेकिन इस खजाने में स्वर्णिम सितारा आयोध्या का निमार्णाधीन राम मंदिर है जहां भिलाई ईस्पात संयंत्र के लोहे का प्रयोग किया जा रहा है.

Tags: Chhattisgarh news, Mp chhattisgarh news

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