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जरूरी है पारिस्थितिक तंत्र की पुनर्बहाली, पर्यावरण दिवस पर तपकरा महाविद्यालय में हुआ वर्चुअल वेबिनार का आयोजन, विशेषज्ञों ने रखे विचार, कहा नहीं दिया गया संरक्षण पर ध्‍यान तो जीवन होता जाएगा मुश्किल

जशपुरनगर। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर शासकीय महाविद्यालय तपकरा जिला जशपुर में पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने  एवं पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए वर्चुअल वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफ़ल आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य वी. सी.किंडो की अध्यक्षता एवं निर्देशन तथा डॉ सुरेश कुमार पटेल सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र, कार्यक्रम समन्वयक के मार्गदर्शन में  सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ताम्रध्वज पैकरा सहायक प्राध्यापक शासकीय पी डी महाविद्यालय रायगढ़ ने पर्यावरण दिवस का आयोजन एवम इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण  के संरक्षण हेतु सभी को अपने  जीवनकाल में कम से कम एक  पेड़ लगाने हेतु  प्रेरित किया साथ ही भू-जल स्तर को बनाये रखने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अपनाने, फलदार वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित किया वनों की कटाई मे रोकथाम के लिए सभी के  सम्मिलित प्रयास को आवश्यक बताया।

डॉ सुरेश कुमार पटेल ने अपने उदबोधन में विश्व पर्यावरण दिवस 2021 का थीम ”पारिस्थितिक तंत्र की पुनर्बहाली” पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस थीम का मतलब क्षतिग्रस्त हो चुके या नष्ट हो चुके तंत्र को पुनः उसके सही स्वरूप में लाने हेतु हम सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत से है।विकास के नाम पर जाने अनजाने में हम लोगों ने प्रकृति को काफी नुकसान पहुंचाया है,पर्यावरण को दूषित किया है, वनों का अंधाधुंध  कटाई किया है। इसके दुष्परिणाम हम सबके सामने है ।ग्लोबल वार्मिंग की समस्या, नई-नई बीमारियां हमारे जीवन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रही है।आज आवश्यकता है कि हम सब मिलकर फिर से पृथ्वी को अच्छी स्थित में लायें ।इसके लिए हम हमारे पारिस्थितिक तंत्र के अंग वन, पहाड़ 

को सुरक्षित रखे, नदियों, तालाबों, कुओं को प्रदुषित होने से बचाये एवम इसकी सफाई करे।हम अपने घर, गांव,शहर से शुरुआत कर सकते हैं।पीपल, बरगद, नीम जैसे छायादार आक्सीजन प्रदान करने वाले  पेड़ अवश्य लगायें,फलदार वृक्ष उगाएं, औषधि युक्त तुलसी,गिलोय,अश्वगंधा पत्थरचटटा जैसे पौधे अपने घर मे लगायें। कोरोना महामारी के इस दौर मे इसकी महत्ता को हम सबने अनुभव किया है।प्रकृति को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है वनों को सुरक्षित रखने मे वनांचल के लोगों को बहुत श्रेय जाता है।इस दिशा में सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।

महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा भी इस विषय पर अच्छे विचार वयक्त किये गये ऋचा गुप्ता और बबीता चकेश ने अपने- अपने  घरो की बालकनी में हैंगिंग  गार्डन विकसित करने साथ ही घरों के  आँगन  मे ,बाड़ीे मे या खेत के मेड़ मे पौधे लगाने के लिए आह्वाना किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में  विद्यार्थीगण एवं शिक्षकों की सहभागिता सराहनीय रहा । कार्यक्रम का संचालन अतिथि व्याख्याता मोतीलाल ने किया।

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