Homeअंतरराष्ट्रीययूक्रेन जंग के 100 दिन, जेलेंस्की का दावा- रूसी सैनिकों ने 2...

यूक्रेन जंग के 100 दिन, जेलेंस्की का दावा- रूसी सैनिकों ने 2 लाख बच्चों को किया अगवा


Russia-Ukraine War News Update: रूस और यूक्रेन के बीच जंग को आज 100 दिन पूरे हो गए. दोनों देशों के बीच 24 फरवरी को NATO मेंबरशिप को लेकर तनाव इस कदर भड़का था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने जंग का आगाज कर दिया था. रूस के सैनिक यूक्रेन क तमाम शहरों पर नए सिरे से हमले कर रहे हैं. जंग में यूक्रेन तबाह हो रहा है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने बुधवार को सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि रूस ने यूक्रेन के 2 लाख बच्चों का अपहरण किया है. उन्होंने दावा किया, ‘इस आपराधिक साजिश का मकसद केवल लोगों का अपहरण नहीं, बल्कि उन्हें यूक्रेन के बारे में पूरी तरह भूल जाने के लिए मजबूर करने व लौटने में असमर्थ बनाने का है.’

जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन इस अपराध के जिम्मेदार लोगों को सजा देगा, लेकिन पहले यह रूस को युद्ध के मैदान में दिखाएगा कि यूक्रेन को जीतना नामुमकिन है. यूक्रेन के लोग आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और न ही यूक्रेन की संतानों को दूसरे (रूस)की संपत्ति बनने देंगे. जेलेंस्की ने बताया कि रूसी हमलों की वजह से अब तक 243 बच्चे मारे गए हैं और 446 घायल हुए हैं.

इसके साथ ही आइए जानते हैं रूस और यूक्रेन जंग के बड़े अपडेट्स…

लक्जमबर्ग की संसद में वर्चुअल संबोधन के दौरान जेलेंस्की ने कहा कि रूस अब तक यूक्रेन की 20 फीसदी जमीन पर कब्जा कर चुका है. गेहूं की आपूर्ति पर जेलेंस्की ने कहा, ‘यूक्रेन के सभी समुदी रास्ते और बंदरगाह रूस के कब्जे में हैं. संयुक्त राष्ट्र चाहे तो रूस से बात कर इन जगहों से गेहूं की आपूर्ति के लिए सुरक्षित रास्ता बनवा सकता है.’

रूसी सेना पूरी ताकत से डोनबास इलाके पर कब्जे में जुटी है. लुहांस्क का सिविरोदोनेस्क शहर रूसी हमलों के केंद्र में है. शहर के प्रशासन के मुताबिक, रूसी सेना शहर के 70 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर चुकी है और हजारों लोग घरों में बिना बिजली और भोजन के फंसे हुए हैं.

रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद ऑपरेशन गंगा के तहत निकाले गए हजारों मेडिकल छात्रों की निगाह अब स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालय व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) पर है. एनएमसी ने इन मेडिकल विद्यार्थियों को मानवीय आधार पर भारत में 12 महीने की इंटर्नशिप की इजाजत दे दी थी.

रूसी हमले की वजह से यूक्रेन के 68 लाख लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है, जो उसकी आबादी का लगभग 15% है यानी की हर 6 में से एक यूक्रेनी को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.

UNHRC की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 68 लाख लोगों में से लगभग 36 लाख लोग पोलैंड पहुंचे हैं, जिसकी वजह से उसकी जनसंख्या में 10% का उछाल आ गया.

2021 में जहां यूक्रेन की आबादी 4.3 करोड़ थी, वो अब घटकर 3.7 करोड़ रह गई है। दूसरी तरफ 80 लाख लोग यूक्रेन में आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं, जिस वजह से एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया. यह संकट इतना विकराल है कि यूक्रेन में हर गुजरते सेकेंड के साथ एक बच्चा युद्ध शरणार्थी बन रहा है.

रूस की घेराबंदी करने के लिए पश्चिमी देश लगातार उस पर प्रतिबंधों का शिकंजा कस रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से रूस पर 5,831 प्रतिबंध लगाए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1,144 प्रतिबंध अमेरिका ने लगाए हैं.

इसके अलावा 4,800 से ज्यादा रूसी नागरिकों पर बैन लगाया गया है और 562 इंस्टीट्यूशन और 458 कंपनियों को प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है. कुल मिलाकर, 2014 से अब तक रूस पर 10,159 प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं.

रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्वी शहर सेवेरोडोनेट्स्क में एक केमिकल प्लांट पर हवाई हमला किया. इस प्लांट में मौजूद नाइट्रिक एसिड के एक टैंक पर हमला हुआ.

अमेरिका यूक्रेन को 60 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाली तोपें मुहैया कराएगा. इनके अगले हफ्ते यूक्रेन पहुंचने की संभावना है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |

FIRST PUBLISHED : June 03, 2022, 07:59 IST

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments