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विश्व के महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले का निधन, कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे पेले…..

विश्व के महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले का निधन, कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे पेले

OFFICE DESK :- विश्व के महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले का निधन हो गया. ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर पेले ने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. लिजेंड पेले ब्राजील के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शामिल और तीन बार के विश्व कप विजेता थे. वो कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे।

पेले के निधन से दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों में शोक की लहर है. पेले का जन्म 3 अक्टूबर 1940 में हुआ था. पेले के पिता भी फुटबॉलर थे

लेकिन पैर में फ्रैक्चर की वजह से वह आगे न खेल सके. परिवार की मदद के लिए पेले बूट पॉलिश किया करते थे लेकिन फुटबॉल खेलना जारी रखे थे. 17 साल की उम्र में पेले ने ब्राजील की ओर से पहला वर्ल्ड कप खेला.

साल 1958 में ब्राजील ने पहला विश्व कप जीता था और उस विश्व कप में पेले ने छह गोल किए थे. 1962 के विश्व कप के दौरान पेले नहीं खेल पाए. उस वक्त पेले को गंभीर चोटें आईं थीं.

लेकिन 1970 के विश्व कप में पेले ने ब्राजील टीम का नेतृत्व किया. यह विश्व कप भी ब्राजील ने जीता जोकि उसका तीसरा विश्व कप था. पेले तीन बार फीफा विश्व कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं.

29 नवंबर से साओ पाउलो में अल्बर्ट आइंस्टीन इजराइली अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 82 वर्षीय महान फुटबॉलर किडनी और कार्डियक डिसफंक्शन की बीमारी से जूझ रहे थे.

तीन बार के विश्व कप विजेता पेले के निधन की आधिकारिक जानकारी की सूचना उनके परिवार वालों ने दी है. पेले की बेटी केली नैसिमेंटो ने इंस्टाग्राम पर निधन की जानकारी देते हुए लिखा, ‘हम जो कुछ भी हैं, वह आपकी बदौलत हैं. हम आपको असीम प्यार करते हैं. रेस्ट इन पीस.

दुनिया को अपने पैरों का जादू दिखाने वाले पेले का असली नाम यह नहीं था. ना ही उनका यह निकनेम था. पेले का पूरा नाम एडसन एरेंटस डो नासिमेंटो था.

पेले का जन्म ब्राजील के छोटे शहर मिनास गेराइस में 23 अक्तूबर 1940 को हुआ था. पेले का नाम एडिसन था. इस नाम के पीछे की कहानी भी काफी खास है. अपने नाम के पीछे की कहानी पेले ने अपने संस्मरण में बताई थी.

उन्होंने लिखा था, ”मेरे जन्म से पहले हमारे शहर में बिजली नहीं थी. जिस दिन मेरा जन्म हुआ था उसी दिन शहर में बिजली का बल्ब पहुंचा था.

बल्ब की रोशनी को देखकर मेरे माता-पिता काफी खुश थे. उन्होंने इस बल्ब के अविष्कारक थामस एल्वा एडसन के नाम पर मेरा नाम एडसन रख दिया, लेकिन गलती से वह स्पेलिंग उनके नाम की नहीं रख पाए.”

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