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आचार्य विद्यासागर की भव्य आगवानी : अमरकंटक में देशभर से भक्तों का लगा तांता, अगले दस दिनों तक पंचकल्याणक महोत्सव में बहेगी भक्ति की बयार….

आचार्य विद्यासागर की भव्य आगवानी : अमरकंटक में देशभर से भक्तों का लगा तांता, अगले दस दिनों तक पंचकल्याणक महोत्सव में बहेगी भक्ति की बयार

सम्यक नाहटा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : शताब्दी के महान तपस्वी श्रमण संस्कृति उन्नायक संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज के संघ सहित अमरकंटक आगमन पर भव्य अगवानी की जाएगी. मंगलवार को उनका मंगल प्रवेश अमरकंटक में होगा. आचार्य विद्यासागर महाराज पांच वर्षों के अंतराल के पश्चात अमरकंटक आ रहे हैं.

पंचकल्याणक समिति के प्रचार प्रमुख वेदचन्द जैन ने बताया कि डोंगरगढ़ से पदविहार करते हुए एक माह से भी कम अवधि में नगरों ग्रामों पर्वत घाटी जंगलों को पार कर रमणीक, मनोरम वनाच्छादित प्रकृति की सुरम्य गोद में स्थित अमरकंटक पहुंच रहे हैं. दिगंबर जैन साधु अपनी यात्रा पग पग चलकर करते हैं. सांसारिक आलंबनों को पूर्ण रूपेण त्याग कर कठिनतम तपस्या में निमग्न रहते हैं.

आचार्य विद्यासागर महाराज डोंगरगढ़ से पग पग अमरकंटक की ओर बढ़ रहे थे, तब पंडरिया के आगे कुरदुर घाटी में लगभग 25-30 किलोमीटर के मध्य निर्जन परवतीय मार्ग पर कोई घर नहीं था.

जंगल में ही रात हो गई और रात में जैन साधु ठहर जाते हैं. जैन धर्मावलंबियों ने घनघोर जंगल में तंबू बांधकर मुनिसंघ को रात्रि विश्राम का प्रबंध किया. तात्पर्य यह कि ऐसी कठिन साधना करते हुये भी आचार्य विद्यासागर महाराज निराकुल साधना कर विहार करते हैं.

दुर्गम वनों से पग पग विहार करते हुये आचार्य विद्यासागर महाराज और संघस्थ निर्यापक संत प्रसाद सागर महाराज, मुनिश्री चंद्रप्रभ सागर महाराज, मुनिश्री निरामय सागर महाराज के अमरकंटक की भूमि पर अगवानी के लिये जैन समाज सहित सभी समाज में बहुत उत्साह व्याप्त है.

सर्वोदय समिति अमरकंटक के अध्यक्ष सिंघई प्रमोद जैन व पंचकल्याणक समिति के संयोजक डा. सुनील जैन ने समिति के साथ मिलकर मुनिसंघ की अगवानी सहित, आगंतुकों के आवास और अन्य आवश्यकताओं की लगभग पूरी तैयारी कर ली है. अगवानी के अवसर पर अनुपपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों, अमरकंटक के अधिकारियों,

नगरपरिषद ,विभिन्न आश्रमों को समिति ने सम्मिलित होने के लिये निमंत्रित किया है. जैन समाज गौरेला,पेण्ड्रा, कोतमा,बुढ़ार, शहडोल, डिंडौरी, जबलपुर, बिलासपुर, चिरिमिरी, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर, अकलतरा, जैतहरी, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग,डोंगरगढ़, सागर,दमोह आदि सहित बड़ी संख्या में देशभर से जैन धर्मी सम्मिलित होंगे.

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