UK Air Traffic Control System Failure: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक सिस्टम फेल : ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते हवाई यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। सिस्टम में गड़बड़ी के कारण 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि बड़ी संख्या में फ्लाइट्स घंटों देरी से चलीं। इस तकनीकी संकट का असर Heathrow Airport, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर देखने को मिला।


टेकऑफ पर लगा अस्थायी प्रतिबंध
ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबी से उड़ानों के टेकऑफ और शेड्यूलिंग पर असर पड़ा। स्थिति बिगड़ने के बाद कुछ समय के लिए कई जगहों पर विमानों के टेकऑफ पर प्रतिबंध लगाया गया। NATS के इंजीनियरों ने सिस्टम को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए काम शुरू किया।

NATS ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन का एयरस्पेस पूरी तरह बंद नहीं हुआ था, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उड़ानों के संचालन की क्षमता प्रभावित हुई। सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य होने लगा, हालांकि यात्रियों को व्यवधान से उबरने में समय लगने की चेतावनी दी गई।
Heathrow से लेकर Manchester तक असर
इस गड़बड़ी का असर लंदन के हीथ्रो और गैटविक के अलावा मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड एयरपोर्ट पर भी पड़ा। एडिनबर्ग, बर्मिंघम और ल्यूटन समेत अन्य एयरपोर्ट्स पर भी उड़ानों के संचालन में परेशानी आई।
कई उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग शेड्यूल प्रभावित हुए। कुछ विमानों को रास्ते से ही यूरोप के दूसरे एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कई यात्रियों को लंबी देरी का सामना करना पड़ा।
British Airways समेत कई एयरलाइंस प्रभावित
तकनीकी खराबी का असर British Airways, easyJet, KLM और Lufthansa समेत कई एयरलाइंस की उड़ानों पर पड़ा। FlightRadar24 के मुताबिक, लंदन के प्रमुख एयरपोर्ट्स के साथ-साथ इंग्लैंड के ईस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र में भी उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हुई।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
एयर ट्रैफिक सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के बाद एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने और उड़ानों के समय में बदलाव की स्थिति बनी रही। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें।
एक तकनीकी खराबी ने ब्रिटेन की हवाई यात्रा व्यवस्था को बड़े स्तर पर प्रभावित कर दिया है और इसका असर कई एयरलाइंस तथा हजारों यात्रियों पर पड़ा है।


















