बिलासपुर। महासमुंद जिला जेल में हत्या के आरोप में बंद बंदी नीरज भोई की संदिग्ध मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 35 चोटों के निशान मिलने की बात सामने आने के बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है। दोनों अधिकारियों को 31 अगस्त तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 35 चोटों के निशान ने खड़े किए गंभीर सवाल चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जेल जैसी सुरक्षित हिरासत में बंद व्यक्ति की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जिम्मेदारी तय होना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने विशेष रूप से पोस्टमार्टम