बकावंड। बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत करपावंड में भूमि अभिलेखों में कथित गड़बड़ी और किसानों की शिकायतों ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त कलेक्टर एआर राणा के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया गया, जिसने शुक्रवार को विवादित भूमि का मौके पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया।

जांच के दौरान संयुक्त कलेक्टर एआर राणा ने प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और राजस्व अधिकारियों से अलग-अलग चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। निरीक्षण के समय तहसीलदार मरकाम, करपावंड थाना प्रभारी शिवानंद सिंह, किसान संघ के अध्यक्ष सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने भूमि सीमांकन, राजस्व अभिलेखों और मौके की वास्तविक स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया।
संयुक्त कलेक्टर एआर राणा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बारिश और फसल का मौसम होने के कारण किसानों की फसल को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना जांच पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि करीब 20 एकड़ भूमि का विस्तृत निरीक्षण किया जाना है तथा सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर होगी। जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, किसानों ने जांच दल के सामने भूमि अभिलेखों में कथित त्रुटियों, रिकॉर्ड में विसंगतियों और राजस्व दस्तावेजों में गड़बड़ी से जुड़े गंभीर आरोप रखे। किसानों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो पूरे मामले का सच सामने आएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि करपावंड भूमि विवाद में आखिर सच क्या है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
Author: RashtraVadi News
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