Search
Close this search box.

खीरे और लाल भाजी के बीज से त्यार किया जा रहा राखी स्व सहायता समूह की अनोखी पहल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जगदलपुर 29 जुलाई 2026/ तीज-त्यौहारों के अवसर पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करने की दिशा में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) आड़ावाल जगदलपुर द्वारा 21 जुलाई से 26 जुलाई तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सातों जनपदों से आई स्व-सहायता समूह की तीस दीदियों को आकर्षक एवं पर्यावरण अनुकूल राखियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने धान, चावल, लालभाजी के बीज, कुकुम्बर (खीरा) के बीज, मयूर पंख, बांस तथा अन्य सजावटी सामग्री से सुंदर एवं कलात्मक राखियां तैयार करना सीखा। प्रशिक्षकों ने उन्हें डिजाइन चयन, रंग संयोजन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की बारीकियों से भी अवगत कराया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागी दीदियां अपने-अपने जनपदों में लौटकर समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर राखियां तैयार करेंगी। इससे एक ओर स्थानीय स्तर पर हस्तनिर्मित और प्राकृतिक सामग्री से बनी राखियों की उपलब्धता बढ़ेगी, वहीं महिलाओं को त्यौहारी सीजन में अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा।

प्राकृतिक सामग्री से तैयार ये राखियां पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती हैं। इन राखियों में स्थानीय संसाधनों का उपयोग होने से बस्तर की पारंपरिक कला और ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता को भी नई पहचान मिल रही है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का यह प्रयास केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस रक्षाबंधन पर बाजार में स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक और पर्यावरण हितैषी राखियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

SHUBHAM RAO
Author: SHUBHAM RAO

Leave a Comment

और पढ़ें