प्रदेश के सोसाइटियों में साढ़े 68 हजार टन धान शार्टेज, पीसीसी चीफ बैज ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश के सोसाइटियों में साढ़े 68 हजार टन धान शार्टेज, पीसीसी चीफ बैज ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले खरीफ सीजन 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में से करीब साढ़े 68 हजार टन का शार्टेज यानी कमी पाई गई है. धान के शार्टेज पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है.

प्रदेश में धान में सबसे अधिक कमी कांकेर, बस्तर, राजनांदगांव, गरियाबंद, बालोद जिले में सामने आई है. जिन सोसाइटियों में धान में कमी आई है, अब वहां के धान खरीदी प्रभारी या प्रबंधक को धान की कीमत देनी होगी या कम हुए धान की मात्रा जमा करानी होगी, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी तय है.

बताया जा रहा है कि धान में यह कमी सूखत या धान की किसी भी प्रकार से बर्बादी की वजह से आई है. राज्य में पिछले खरीफ सीजन में 141 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था. राज्य के 2740 केंद्रों में से 2634 केंद्रों में धान लेखा मिलान हो चुका है, यानि धान का वहां पूरा हिसाब हो चुका है.

कांकेर में सबसे अधिक धान शेष
33 जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कांकेर में सबसे अधिक 13,436 टन धान शेष है. इसके बाद बस्तर (4,739 टन), राजनांदगांव (4,825 टन), गरियाबंद (4,424 टन), बालोद (4,248 टन), मोहला – मानपुर- अंबागढ़ चौकी (3,906 टन), कवर्धा (3.838 टन) और खैरागढ़- छुईखदान – गंडई (3,467 टन) का स्थान है.

सबसे कम शॉर्टेज सक्ती जिले में 483 टन है. इसके बाद सूरजपुर (486 टन), जांजगीर-चांपा (471 टन), गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (566 टन), सारंगढ़ – बिलाईगढ़ (314 टन), बलौदाबाजार (292 टन), बिलासपुर (214 टन), रायपुर (210 टन), मनेन्द्रगढ़ – चिरमिरी – भरतपुर (231 टन) और सारगुजा (1,151 टन) जैसे जिले हैं.

33 जिलों की तस्वीर

प्रदेश के 33 जिलों में से 7 जिलों में शॉर्टेज शून्य है, जबकि शेष 26 जिलों में किसी न किसी स्तर पर धान की कमी दर्ज की गई है. आंकड़े बताते हैं कि शॉर्टेज कुछ चुनिंदा जिलों में अधिक केंद्रित है, जबकि अधिकांश जिलों में यह कुछ सौ टन से लेकर कुछ हजार टन तक सीमित है. पूरे प्रदेश में उपार्जन केंद्रों में शेष धान का कुल आंकड़ा 68,491 टन है, जिसे विभाग सोसाइटियों में दर्ज कमी के रूप में देख रहा है.

बैज ने ढाई सौ करोड़ से अधिक का बताया भ्रष्टाचार

छत्तीसगढ़ के सोसायटियो में करीब 70 हजार टन का धान शार्टेज पाए जाने पर कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है. पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने धान पर हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कमी लाख टन से अधिक की है. और मामला ढाई सौ करोड़ से कहीं अधिक के भ्रष्टाचार का है. इसमें सरकार के सभी लोग मिले हुए हैं. इसकी व्यापक जाँच होनी चाहिए.

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Author: RashtraVadi News

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