गहरे गड्ढों से राहगीर और वाहन चालक परेशान, नवरात्रि से पहले स्थायी समाधान की मांग

गीदम (बस्तर)। जर्जर सड़क पर खानापूर्ति नहीं : गीदम से बीजापुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-63 की बदहाल स्थिति ने राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के चलते हादसों का खतरा बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क—यह समझना मुश्किल हो गया है।

जिला कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव रजत दहिया ने सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर सरकार और संबंधित विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यापारी संघ एवं चालक संघ द्वारा पूर्व में सड़क की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा चुका है। संगठनों ने प्रशासन को पांच दिवस का अल्टीमेटम देते हुए नवीन सड़क निर्माण की मांग भी की थी।
रजत दहिया का कहना है कि इसके बावजूद स्थायी समाधान करने के बजाय सड़क पर दोबारा पिच वर्क कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक-दो सप्ताह पहले किए गए पिच वर्क की स्थिति भी अब खराब हो चुकी है। ऐसे में उसी तरह की दोबारा मरम्मत कराना सड़क की मूल समस्या का समाधान नहीं, बल्कि खानापूर्ति है।
उन्होंने कहा कि सड़क पर सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री के जरिए किए जा रहे अस्थायी कार्य से लोगों को लंबे समय तक राहत नहीं मिलेगी। क्षेत्रवासियों की मांग है कि सड़क का गुणवत्तापूर्ण और नवीन डामरीकरण कराया जाए, ताकि सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।
नवरात्रि से पहले सड़क सुधारने की मांग
रजत दहिया ने कहा कि आगामी दिनों में नवरात्रि पर्व शुरू होने वाला है। बस्तर की आराध्य देवी माता दंतेश्वरी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दंतेवाड़ा पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु पदयात्रा और धार्मिक आस्था से जुड़ी कठिन यात्राएं करते हुए माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति श्रद्धालुओं के लिए परेशानी के साथ-साथ जोखिम भी बढ़ा सकती है।
उन्होंने सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की कि गीदम–बीजापुर मार्ग सहित दंतेवाड़ा से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गों का तत्काल गुणवत्तापूर्ण नवीन डामरीकरण कराया जाए। नवरात्रि से पहले सड़क को सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं, वाहन चालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
रजत दहिया ने साफ कहा कि जर्जर सड़क पर बार-बार अस्थायी मरम्मत नहीं, अब स्थायी समाधान की जरूरत है।


















