गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ओडिशा से तस्करी कर छत्तीसगढ़ पहुंची : जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पेंड्रा पुलिस ने एक बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने मलकानगिरी (ओडिशा) से आ रही जगुआर ट्रेवल्स की स्लीपर बस से 245 किलो गांजा बरामद किया है। गांजे को 49 पैकेटों में भरकर रखा गया था। पुलिस ने इस मामले में बस के चालक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही करीब 50 लाख रुपये कीमत की टाटा स्लीपर बस और आरोपियों के तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मोबाइल की कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है।
सूचना के बाद बस को रोककर की गई तलाशी
पेंड्रा पुलिस को जिले में गांजे की बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने निगरानी बढ़ाई और मलकानगिरी की ओर से आ रही जगुआर ट्रेवल्स की 44-सीटर स्लीपर बस (OD 30 D 0606) को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान बस में गांजे के 49 पैकेट मिले। प्रत्येक पैकेट में करीब 5 किलो गांजा भरा था। कुल वजन 245 किलो निकला। पुलिस ने गांजा बरामद करने के साथ बस को भी जब्त कर लिया।
चालक ने मलकानगिरी से गांजा लाने की बात कबूली
पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी ने बताया कि मामले में दिलीप कुमार हिंडिया, निवासी नायपुरा, तहसील माथिली, जिला मलकानगिरी (ओडिशा) को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने खुद को बस का मालिक और चालक बताया है। उसके मुताबिक गांजा मलकानगिरी से लाया जा रहा था और इसे कोरबा तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था।
दूसरा आरोपी भीमसेन केवट (30) है, जो जीपीएम जिले के मरवाही थाना क्षेत्र के धनौरा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह कटघोरा से बस में सवार हुआ था और चालक को आगे के रास्ते की जानकारी दे रहा था।
मलकानगिरी से पेंड्रा तक ऐसे पहुंच रही थी खेप
पूछताछ में पुलिस को गांजे की खेप के संभावित रूट की जानकारी भी मिली है। पुलिस के मुताबिक तस्करी का यह रास्ता मलकानगिरी से शुरू होकर बोरई, धमतरी, रायपुर, बिलासपुर, पाली, कटघोरा और पसान होते हुए पेंड्रा तक पहुंच रहा था।
इससे पुलिस को आशंका है कि मामला केवल एक खेप तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे एक बड़ा सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा है।


















