फेसबुक पर विज्ञापन देकर सेवानिवृत्त शिक्षक को बनाया निशाना, कोलकाता में पुलिस ने दबोचा; 82 एटीएम कार्ड समेत मोबाइल और नकदी बरामद

जगदलपुर। जगदलपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा : पेंशन कार्ड बनवाने की उम्मीद में बैठे एक सेवानिवृत्त शिक्षक को साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनाने का विज्ञापन देकर आरोपियों ने पीड़ित की जानकारी हासिल की और उनके बैंक खाते से 5 लाख 90 हजार रुपये ऑनलाइन उड़ा दिए। मामले में बस्तर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी झारखंड के जामताड़ा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

फेसबुक का विज्ञापन बना ठगी का जाल
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनवाने से संबंधित विज्ञापन के जरिए आवेदक तक पहुंच बनाई। इसके बाद उनकी जानकारी का इस्तेमाल कर बैंक खाते से रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर ली। ठगी का शिकार हुए सेवानिवृत्त शिक्षक की शिकायत पर थाना फ्रेजरपुर (परपा) में अपराध क्रमांक 241/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच से कोलकाता तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी कड़ी में कोलकाता में कार्रवाई कर दोनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
82 एटीएम कार्ड और नकदी बरामद
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। इनमें शामिल हैं:
82 एटीएम कार्ड
6 नए मोबाइल फोन
25 हजार रुपये नकद
अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री
बरामदगी के बाद पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
दूसरे राज्यों में ठगी के मामलों की भी जांच
जामताड़ा लंबे समय से देश में सामने आने वाले कई साइबर ठगी के मामलों के संदर्भ में चर्चा में रहा है। हालांकि, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अन्य वारदातों में संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बस्तर पुलिस संभावित अन्य साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
साइबर सुरक्षा संदेश: पेंशन कार्ड, सरकारी योजनाओं या किसी भी वित्तीय लाभ के नाम पर सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी या गोपनीय विवरण साझा न करें और संदिग्ध लिंक से बचें।
बस्तर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा अन्य राज्यों तक बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस गिरोह ने और भी लोगों की मेहनत की कमाई तो नहीं लूटी।


















