सुशासन तिहार में शिकायत और कई बार खबरों के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति, ग्रामीणों ने 5G सेवा शुरू करने की मांग की

बस्तर। मोबाइल में नेटवर्क के सिग्नल दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इंटरनेट चलाने के लिए ग्रामीणों को अब भी जूझना पड़ रहा है। मधोता क्रमांक-02, खैरगुड़ा और आसपास के गांवों में जियो की कथित धीमी इंटरनेट सेवा को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का सीधा सवाल है—जब मोबाइल में सिग्नल मौजूद है, तो इंटरनेट की स्पीड इतनी धीमी क्यों है?
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से इंटरनेट सेवा की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में सुशासन तिहार के दौरान ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई गई, वहीं समाचार पत्रों के माध्यम से भी कई बार समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बावजूद हालात में स्थायी सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश है।
रिचार्ज पूरा, सेवा अधूरी क्यों?
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल रिचार्ज के लिए कंपनी पूरी राशि लेती है, लेकिन जब इंटरनेट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब स्पीड बेहद कमजोर हो जाती है। इसका सीधा असर ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट, मोबाइल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं से जुड़े काम और अन्य ऑनलाइन सेवाओं पर पड़ रहा है।
कई ग्रामीणों के मुताबिक कभी-कभी कॉल कनेक्टिविटी को लेकर भी परेशानी सामने आती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नियमित भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को आखिर भरोसेमंद नेटवर्क और तेज इंटरनेट सेवा कब मिलेगी?
डिजिटल इंडिया के दौर में गांव क्यों पीछे?
सरकार लगातार गांवों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब इंटरनेट की रफ्तार ही कमजोर हो, तो डिजिटल सेवाओं का लाभ आम लोगों तक कैसे पहुंचेगा?
ऑनलाइन सरकारी काम से लेकर बैंकिंग और शिक्षा तक आज मोबाइल इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में कमजोर नेटवर्क ग्रामीणों के लिए महज तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों में बड़ी बाधा बन चुका है।
जियो से ग्रामीणों के सीधे सवाल
ग्रामीणों ने जियो कंपनी से क्षेत्र की नेटवर्क व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाए हैं कि—
- क्षेत्र में इंटरनेट स्पीड कम होने की वास्तविक वजह क्या है?
- नेटवर्क की क्षमता की जांच कब होगी?
- समस्या का स्थायी समाधान कब तक किया जाएगा?
- ग्रामीणों को बेहतर 4G सेवा कब मिलेगी?
- मधोता-खैरगुड़ा क्षेत्र में 5G सेवा कब शुरू होगी?
तकनीकी सर्वे और 5G सेवा की मांग
ग्रामीणों ने मधोता-खैरगुड़ा क्षेत्र में तत्काल तकनीकी सर्वे कराने, नेटवर्क क्षमता बढ़ाने, जरूरत के अनुसार नए उपकरण स्थापित करने और 5G सेवा शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब सिर्फ शिकायत दर्ज कराने और आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। उपभोक्ता नियमित रूप से रिचार्ज कर सेवा का भुगतान कर रहे हैं, इसलिए कंपनी की जिम्मेदारी है कि उन्हें बेहतर कॉलिंग और तेज, भरोसेमंद इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराई जाए।
लंबे समय से बनी इस समस्या को लेकर ग्रामीणों की निगाह अब कंपनी की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
सवाल साफ है—सिग्नल दिख रहा है, तो स्पीड कब मिलेगी?
Author: RashtraVadi News
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