जगदलपुर। माचकोट में वन विभाग का बड़ा एक्शन : वनों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने अब अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में वन भूमि पर अतिक्रमण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है।


इसी कड़ी में माचकोट वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण और पेड़ों की गर्डलिंग करने के मामले में 13 आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षण में केंद्रीय जेल, जगदलपुर दाखिल कराया गया।
कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (CCF) जगदलपुर वृत्त सुश्री स्टायलो मंडावी के मार्गदर्शन और वनमण्डलाधिकारी (DFO) बस्तर श्री दीपेश कपिल के निर्देश पर की गई। वहीं उप वनमण्डलाधिकारी (SDO) जगदलपुर श्री योगेश रात्रे की सतत निगरानी एवं नेतृत्व में वन अमले ने क्षेत्र में लगातार गश्त और निगरानी अभियान चलाया।
परिक्षेत्र अधिकारी माचकोट श्री प्रकाश देहारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम जब उप-परिक्षेत्र पूलचा के ग्राम गुरु गोठान (गोरो-गोठान) के आसपास पहुंची, तो वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण और वृक्षों की गर्डलिंग में संलिप्त लोगों को मौके पर पकड़ा गया।
गौरतलब है कि गर्डलिंग में पेड़ के तने की छाल को चारों ओर से छील दिया जाता है, जिससे पेड़ को गंभीर नुकसान पहुंचता है और वह धीरे-धीरे सूखकर मर सकता है। वन विभाग ने इसे गंभीर वन अपराध मानते हुए तत्काल वैधानिक कार्रवाई की।
मौके पर कार्रवाई के बाद सभी 13 आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आदेश मिलने के बाद सभी को केंद्रीय जेल जगदलपुर भेज दिया गया।
वन विभाग का दो टूक संदेश
वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने, अवैध कटाई करने या वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। विभाग ने ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
वन विभाग की इस कार्रवाई से वन भूमि पर अवैध कब्जा और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने आम लोगों से भी वनों की सुरक्षा में सहयोग करने और अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल संबंधित वन अधिकारियों को देने की अपील की है।


















