जगदलपुर। युवा उड़ान-2026 में गूंजा साइबर सुरक्षा का संदेश : डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में आयोजित “युवा उड़ान-2026” कार्यक्रम में युवाओं के बीच साइबर सुरक्षा का संदेश जोरदार तरीके से गूंजा। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग एवं जिला प्रशासन बस्तर के संयुक्त तत्वावधान में 03 सितंबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में बस्तर पुलिस ने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण तरीके बताए।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर रहे। इस दौरान महापौर नगर निगम जगदलपुर संजय पांडेय, कलेक्टर बस्तर आकाश छिकारा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, एसडीओपी केशलूर लक्ष्मण पोटाई सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मोबाइल और इंटरनेट के साथ बढ़ा साइबर खतरा
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत युवाओं को डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में ASP सुखनंदन राठौर ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया आज युवाओं की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसी के साथ साइबर अपराधियों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। अपराधी लोगों की छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर बैंकिंग फ्रॉड से लेकर सोशल मीडिया ठगी तक को अंजाम दे रहे हैं।
OTP से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक—हर खतरे पर दी जानकारी
ASP राठौर ने विद्यार्थियों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विद्यार्थियों को स्पष्ट समझाइश दी गई कि OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और सोशल मीडिया पर अजनबियों से संपर्क करते समय विशेष सावधानी बरतें।
“जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार”
ASP सुखनंदन राठौर ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार जागरूकता और सतर्कता है। युवा स्वयं जागरूक बनने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र तैयार हो सके।
ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी की स्थिति में समय गंवाए बिना कार्रवाई करने की अपील की। ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत करने की जानकारी दी गई।
बस्तर पुलिस का साफ संदेश है—डिजिटल दुनिया में एक छोटी-सी सावधानी बड़ी ठगी से बचा सकती है। जागरूक रहें, सतर्क रहें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं।


















