जगदलपुर। 28 वर्षीय आदिवासी मजदूर भोला राम कश्यप के निधन ने बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सकीय जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चाँद ने भोला राम कश्यप को श्रद्धांजलि देते हुए मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच की मांग की है।


करकापाल, बड़ेपारा निवासी भोला राम कश्यप के परिवार का आरोप है कि जगदलपुर के डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें विशाखापट्टनम ले जाया गया। उपचार के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
नवनीत चाँद ने कहा कि किसी चिकित्सक या अस्पताल को बिना जांच दोषी ठहराना उचित नहीं है, लेकिन पूरे मामले की सच्चाई सामने आना जरूरी है। उन्होंने भोला के उपचार से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, ऑपरेशन नोट एवं सहमति-पत्र सुरक्षित रखने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्वतंत्र समिति से जांच कराने की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि भोला का प्रारंभिक निदान और उपचार किस प्रोटोकॉल के तहत हुआ, क्या मरीज की सुरक्षा संबंधी निर्धारित मानकों का पालन किया गया और यदि जांच में किसी स्तर पर चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई कौन करेगा।
नवनीत चाँद ने कहा कि “भोला वापस नहीं आएगा, लेकिन उसकी मौत का सच सामने आना जरूरी है, ताकि किसी दूसरे गरीब आदिवासी परिवार को ऐसी पीड़ा से न गुजरना पड़े।”
उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
Author: RashtraVadi News
न्यूज़ से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए हमसे संपर्क करें : 8839577226

















