Search
Close this search box.

BIG BREAKING : NFL के बाद अब चंबल कंपनी का भी खेल जारी: बस्तर में यूरिया पर मुनाफाखोरी का बड़ा खुलासा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सम्यक नाहटा : बस्तर संभाग में यूरिया की कीमतों को लेकर एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पहले NFL कंपनी पर सवाल उठे थे और अब चंबल कंपनी एवं स्थानीय खाद डिस्ट्रीब्यूटरों की मिलीभगत से मुनाफाखोरी का बड़ा खेल उजागर हो रहा है।

आरोप है कि ईरान-इजरायल युद्ध की आड़ लेकर कंपनियां और डिस्ट्रीब्यूटर मिलकर बाजार में यूरिया के दाम कृत्रिम रूप से बढ़ा रहे हैं, जिसका सीधा असर रिटेलर और किसानों पर पड़ रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 14 अप्रैल 2026 को रायपुर में चंबल कंपनी का यूरिया रैक पहुंचा था। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूटरों द्वारा यूरिया का रेट ₹350 प्रति बोरा + ₹50 परिवहन शुल्क तय किया गया, जबकि रिटेलरों को यही यूरिया ₹380 प्रति बोरा + ₹50 भाड़ा में दिया जा रहा है।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब रिटेलरों को उनकी जरूरत के अनुसार नहीं, बल्कि ₹1.75 लाख से ₹2 लाख तक का जबरन लदान लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह पूरी व्यवस्था डिस्ट्रीब्यूटरों की मनमानी पर आधारित है, जिससे छोटे व्यापारी आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे मामले में प्रशासन द्वारा डिस्ट्रीब्यूटरों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि छोटे रिटेलरों को ही जांच और दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

रिटेलरों का कहना है कि वे डिस्ट्रीब्यूटर और प्रशासन के दोहरे दबाव में काम करने को मजबूर हैं, जिससे उनका व्यापार और आर्थिक स्थिति दोनों प्रभावित हो रही है।

इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में महंगे दामों पर यूरिया खरीदना पड़ रहा है।

🛑 मुख्य मांगें:

1. चंबल कंपनी एवं संबंधित डिस्ट्रीब्यूटरों की निष्पक्ष जांच की जाए।

2. NFL और चंबल दोनों मामलों की संयुक्त जांच कर सप्लाई चेन की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए।

3. रैक से रिटेल तक यूरिया वितरण प्रणाली का ऑडिट किया जाए।

4. रिटेलरों पर जबरन लदान की व्यवस्था तत्काल समाप्त की जाए।

5. दोषी कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटरों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

📢 निष्कर्ष:

यदि समय रहते इस संगठित मुनाफाखोरी पर रोक नहीं लगाई गई, तो बस्तर में खाद संकट और गहरा सकता है, जिससे कृषि व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

RashtraVadi News
Author: RashtraVadi News

न्यूज़ से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए हमसे संपर्क करें : 8839577226

Leave a Comment

और पढ़ें