Search
Close this search box.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट 2047’ पर हुई चर्चा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू हो गया है। नवा रायपुर अटल नगर में बने विधानसभा के नवीन भवन में यह पहला सत्र है। शीतकालीन सत्र की अवधि 19 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है। पहले यह सत्र सत्रह दिसंबर को समाप्त होने वाला था। बढ़ी हुई अवधि के दौरान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा की जाएगी।

सत्र के पहले दिन आज वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने ‘‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट दो हजार सैंतालीस’’ प्रस्तुत किया। इस पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने अंजोर विजन 2047 की प्रावधान लक्ष्यों पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस विजन डाक्यूमेंट में गरीबी उन्मूलन, ला एंड आर्डर, समाज कल्याण और महिला सशक्तिकरण को स्पष्ट नहीं किया गया है।

अंजोर विजन पर हुई चर्चा में भाजपा के धरमलाल कौशिक, भावना बोहरा, सुनील सोनी, राजेश मूणत, धरमजीत सिंह, लता उसेंडी और भारतीय जनता पार्टी के अन्य विधायकों ने भी हिस्सा लिया। सदन में इस पर चर्चा अभी जारी है। सदन में अंजोर विजन डाक्यूमेंट पर चल रही चर्चा में उपमुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा के साथ ही मंत्री रामविचार नेताम और भाजपा विधायक किरण सिंह देव ने भी हिस्सा लिया।

इस पर हुई चर्चा के अंत में अपना वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ के सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी को दोगुना करेगी। उन्होंने कहा कि बीते दो सालों में राज्य सरकार ने मोदी जी की अधिकांश गारंटी को पूरा किया है। बाकी बची हुई गारंटी को भी आने वाले समय में पूरा किया जाएगा। आज अंजोर विजन पर हुई चर्चा में राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया। बाद में मीडिया से चर्चा करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ’अंजोर विजन’ की चर्चा में विपक्ष का शामिल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

RashtraVadi News
Author: RashtraVadi News

न्यूज़ से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए हमसे संपर्क करें : 8839577226

Leave a Comment

और पढ़ें