नया बस स्टैंड से कांगोली तक शराब के दामों में कथित खेल!

जगदलपुर। बस्तर में शराब पर ‘ओवररेटिंग’ का खेल! शहर में शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। नया बस स्टैंड और कांगोली स्थित शराब दुकानों में प्रीमियम ब्रांड की शराब निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचे जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मनपसंद ब्रांड मांगने पर पहले स्टॉक नहीं होने की बात कही जाती है, लेकिन अतिरिक्त रकम देने पर वही शराब उपलब्ध करा दी जाती है।

आरोप है कि कुछ प्रीमियम ब्रांडों पर 20 से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि मांगी जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि दुकान में शराब उपलब्ध नहीं है तो अतिरिक्त रकम लेने के बाद वही ब्रांड कहां से उपलब्ध हो जाता है?
शॉर्टेज का बहाना या ओवररेटिंग का खेल?
नया बस स्टैंड और कांगोली स्थित दुकानों को लेकर सामने आ रही शिकायतों में सबसे बड़ा सवाल शराब की कथित शॉर्टेज को लेकर है। उपभोक्ताओं के मुताबिक दुकान में पसंदीदा ब्रांड की उपलब्धता से इनकार करने के बाद अधिक कीमत पर उसे उपलब्ध कराने की बात कही जाती है।
यदि निर्धारित मूल्य ₹1,200 वाली बोतल के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ली जाती है, तो ग्राहक से ₹1,440 वसूले जाएंगे। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त ₹240 की वसूली किस आधार पर की जा रही है और उसका हिसाब कहां दर्ज होता है? यह जांच का विषय है।
आबकारी विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। खासकर तब, जब सरकार शराब दुकानों में पारदर्शिता और कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात कर रही है।
नया बस स्टैंड और कांगोली की दुकानों में चल रहे इस कथित खेल की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं, अब यह देखने वाली बात होगी। उपभोक्ताओं की मांग है कि विभाग दुकानों के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायतों की जांच करे और गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—शराब की निर्धारित कीमत से अतिरिक्त वसूली हो रही है तो आबकारी विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?


















