दंतेवाड़ा/गीदम : पवित्र रमजान माह में जहां बड़े-बुजुर्ग पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ रोजे रख रहे है, वहीं छोटी उम्र के बच्चे भी अपनी आस्था और समर्पण से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। गीदम के मस्जिद पारा की रहने वाली 11 वर्षीय शिनत फातिमा इन दिनों लगातार रोजे रखकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

शिनत फातिमा, पिता सलीम अहमद और माता रुखसाना बेगम की बेटी है। उन्होंने इस वर्ष 19 फरवरी 2026 से शुरू हुए पवित्र रमजान माह में रोजा रखना प्रारंभकिया। खास बात यह है कि इतनी कम उम्र होने के बावजूद वे पूरे रही है। शनिवार को उन्होंने लगातार 17वां रोजा भी रखा, जिसे देखकर उत्साह और श्रद्धा के साथ रोजे रख परिवार और मोहल्ले के लोग उनकी लगन और हौसले की सराहना कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार शिनत फातिमा रोजे के दौरान सभी नियमों का पालन करती है। वे सुबह सहरी के समय उठकर सहरी करती है और दिनभर संयम व धैर्य के साथ रोजा निभाती है। परिवार का कहना है कि छोटी उम्र में ही उनके अंदर धार्मिक संस्कार और अनुशासन की भावना
स्पष्ट दिखाई देती है। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि रमजान का महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का संदेश देता है। ऐसे में बच्चों द्वारा भी रोजा रखना समाज के लिए प्रेरणादायक माना जाता है।
21 मार्च को ईद-उल-फीतर
बताया गया कि इस वर्ष पवित्र रमजान माह 19 फरवरी 2026 से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक रहेगा, जिसके बाद 21 मार्च को श्रद्धस्र बुध- का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मोहल्ले के लोगों ने भी शिनत फातिमा की आस्था और हिम्मत की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।









