बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ : फर्जी ट्रांसफर मामले में गिरफ्तारी : फर्जी स्थानांतरण आदेश के जरिए सरकारी कर्मचारी को मनचाही जगह ट्रांसफर दिलाने के कथित मामले में अब भारतीय जनता पार्टी ने भी बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की है। पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने बलौदाबाजार जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।


मामले में पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में भाजपा के दोनों पदाधिकारियों के अलावा RMA करण कुमार देवांगन, रवि कुमार सेन, निजी कंप्यूटर ऑपरेटर प्रणव अवस्थी और कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रखर कश्यप शामिल हैं।
रोहांसी से मोपर ट्रांसफर का पेश किया गया था कथित आदेश
पूरा मामला ग्राम रोहांसी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, करण देवांगन ने 17 अगस्त 2026 को खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के समक्ष एक कथित स्थानांतरण आदेश प्रस्तुत किया था।
इस आदेश में करण देवांगन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा स्थानांतरित किए जाने का उल्लेख था। दस्तावेज में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा कार्यालय का आदेश क्रमांक NHM/AR/2026-27/1359, दिनांक 14 अगस्त 2026 दर्ज था।
जांच में खुला कथित फर्जीवाड़ा
कथित स्थानांतरण आदेश की जांच के दौरान दस्तावेज को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। BMO कार्यालय ने जब CMHO कार्यालय से आदेश की पुष्टि कराई तो अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई स्थानांतरण आदेश उनके कार्यालय से जारी नहीं किया गया था।
जांच में यह भी बताया गया कि करण देवांगन का पद राज्य संवर्ग का है और उसके स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन के पास है। उस समय स्थानांतरण पर प्रतिबंध भी लागू था। कथित आदेश पर किए गए हस्ताक्षर भी CMHO के नहीं पाए गए।
इसके बाद CMHO कार्यालय ने BMO को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए।
BMO की शिकायत पर FIR, छह आरोपी गिरफ्तार
CMHO के निर्देश के बाद BMO कार्यालय की ओर से पलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत, अधिकारियों के बयान, कथित फर्जी आदेश और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद FIR दर्ज की।
पुलिस के अनुसार, जांच में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसे वास्तविक सरकारी आदेश के रूप में कार्यालय में प्रस्तुत करने की बात सामने आई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 318(4), 336(3), 337, 338 और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब दस्तावेज तैयार करने, उसे सरकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
छह गिरफ्तार आरोपियों में भाजपा के दो पदाधिकारी
– कृष्णा अवस्थी — भाजपा जिला महामंत्री
– पुनीराम पटेल — भाजपा जिला उपाध्यक्ष
– करण कुमार देवांगन — ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA)
– रवि कुमार सेन — ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA)
– प्रणव अवस्थी — निजी कंप्यूटर ऑपरेटर
– प्रखर कश्यप — कृष्णा अवस्थी का बेटा
संगठन ने लिया कड़ा फैसला
पुलिस जांच के बीच भाजपा संगठन की ओर से दोनों पदाधिकारियों पर छह साल का निष्कासन पार्टी स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इस घटनाक्रम ने फर्जी सरकारी दस्तावेजों के इस्तेमाल और प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है और कथित फर्जी आदेश तैयार करने से लेकर उसे सरकारी कार्यालय में पेश करने तक की पूरी कड़ी को खंगाला जा रहा है।


















