सोशल मीडिया पर कलेक्टर कार्यालय के नाम से जारी एक कथित आदेश ने मचाई सनसनी, जिसमें वर्ष 2026 के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किए जाने का दावा किया जा रहा है।

जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा दस्तावेज फर्जी और मनगढ़ंत है। शातिर तरीके से कलेक्टर के हस्ताक्षर और कार्यालय की मोहर का इस्तेमाल कर इसे असली दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रशासन ने तुरंत इसे खारिज कर दिया।
⚠️ प्रशासन की सख्त चेतावनी:
ऐसे किसी भी वायरल पत्र पर भरोसा न करें। केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी की पुष्टि करें।
👉 फर्जी दस्तावेज फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई!









