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बस्तर में राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप: 1353 वर्गफुट जमीन खाली कराने पुलिस बल के साथ कार्रवाई की तैयारी, पीड़ित परिवार ने बताया ‘प्राकृतिक न्याय’ का उल्लंघन

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जगदलपुर, बस्तर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के रमैया वार्ड क्रमांक 17 स्थित हिकमी पारा में 1353 वर्गफुट भूमि को लेकर राजस्व विभाग की कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। तहसीलदार (नजूल) कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई, सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं देने और पुलिस बल के जरिए बेदखली की तैयारी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

तहसीलदार (नजूल) द्वारा जारी नोटिस क्रमांक 167/प्र०तह०नजूल/2026 एवं 170/प्र०तह०नजूल/2026 के अनुसार शीट नंबर 47, प्लॉट नंबर 26/5, क्षेत्रफल 1353 वर्गफुट भूमि का कब्जा खाली कराकर आवेदक सी.एच. नागेश राव सोनी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कोतवाली पुलिस से आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने का भी पत्राचार किया गया है।

पीड़ित परिवार का आरोप – सुनवाई का अवसर जानबूझकर छीना गया

अनावेदक पक्ष श्रीमती हेमलता जोशी, पूर्णिमा जोशी एवं प्रकाश जोशी का आरोप है कि उन्हें नोटिस ऐसे समय पर दिया गया, जब शनिवार और रविवार का शासकीय अवकाश था। इसके कारण वे समय पर कानूनी सलाह या न्यायालय की शरण नहीं ले सके।

परिवार का यह भी कहना है कि अगले कार्यदिवस कलेक्टर की टीएल बैठक होने से तहसील कार्यालय का अधिकांश प्रशासनिक अमला व्यस्त रहा, जिससे वे अपने दस्तावेज और पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाए। उनका आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया उन्हें सुनवाई से वंचित कर एकतरफा कार्रवाई का रास्ता बनाने के उद्देश्य से अपनाई गई।

पुलिस बल के साथ बेदखली की तैयारी

नोटिस में मालजमादार को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित तिथि तक कब्जा हटाकर आवेदक को भूमि सौंपी जाए। साथ ही कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई पर होने वाला खर्च अनावेदक पक्ष से भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूला जाएगा।

‘प्राकृतिक न्याय’ के उल्लंघन का आरोप

पीड़ित परिवार और उनके पक्ष के कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को बिना निष्पक्ष सुनवाई और पर्याप्त अवसर दिए बेदखली की कार्रवाई करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उनका आरोप है कि तहसीलदार (नजूल) ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का समुचित परीक्षण किए बिना जल्दबाजी में आदेश जारी किया।

एसडीएम कोर्ट में अपील, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

तहसीलदार के आदेश के खिलाफ उपविभागीय अधिकारी (एसडीएम) जगदलपुर के न्यायालय में अपील दाखिल कर दी गई है, जिसमें आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि निष्पक्ष सुनवाई से पहले बलपूर्वक कार्रवाई की गई तो वे न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

प्रशासन का पक्ष आना बाकी

इस मामले में समाचार लिखे जाने तक तहसीलदार (नजूल) अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।यदि यह खबर राष्ट्रवादी न्यूज़ के लिए प्रकाशित की जानी है, तो इसे और अधिक खोजी (Investigative) या पूरी तरह निष्पक्ष (Balanced) समाचार शैली में भी तैयार किया जा सकता है।

RashtraVadi News
Author: RashtraVadi News

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