सम्यक नाहटा : जगदलपुर : जगदलपुर शहर के हृदय स्थल पर स्थित लगभग 400 एकड़ में फैला ऐतिहासिक एवं विशालकाय दलपत सागर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। करोड़ों रुपये के बजट और विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद तालाब की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, दलपत सागर के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। तालाब में चारों ओर जलकुंभियों का साम्राज्य, गंदगी के ढेर और अव्यवस्था साफ दिखाई दे रही है।

दलपत सागर न केवल शहर की पहचान है, बल्कि यह स्थानीय लोगों, पर्यटकों और मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए एक प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल भी है। इसके बावजूद प्रशासन की उदासीनता के कारण इसकी सुंदरता लगातार समाप्त होती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की साफ-सफाई, जलकुंभियों की निकासी और सौंदर्यीकरण के कार्यों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह ऐतिहासिक धरोहर अपनी पहचान खो देगी।
प्रश्न यह उठता है कि जब 9 करोड़ रुपये का बजट आया, तो वह राशि कहां और किस कार्य में खर्च हुई? आखिरकार दलपत सागर की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन है?
“9 करोड़ का बजट, फिर भी बदहाल दलपत सागर – आखिर जिम्मेदार कौन?
“शहर की शान पर गंदगी का ग्रहण, प्रशासन कब जागेगा?”
“पर्यटन स्थल बना उपेक्षा का शिकार, दलपत सागर मांग रहा सुधार।”
Author: RashtraVadi News
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