PPP अनुबंध, मेडिकल रिकॉर्ड, सरकारी योजनाओं एवं NMDC की वित्तीय सहायता की भी हो थर्ड पार्टी ऑडिट; स्वास्थ्य मंत्री के नाम जिला प्रशासन एवं जिला चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर, 17 अगस्त 2026। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री के नाम बस्तर जिला प्रशासन एवं जिला चिकित्सा अधिकारी, बस्तर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर 28 वर्षीय आदिवासी मजदूर भोला कश्यप के उपचार एवं ब्रेन सर्जरी प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

नवनीत चाँद ने कहा कि यह किसी चिकित्सक या अस्पताल को जांच से पहले दोषी ठहराने का प्रयास नहीं है, बल्कि मरीज के जीवन, चिकित्सा मानकों, मरीज के अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर जनहित का प्रश्न है। परिजनों के अनुसार भोला कश्यप का टीबी संबंधी उपचार चल रहा था और इसके बाद डिमरापाल स्थित कोंटिनेंटल अस्पताल में मस्तिष्क में पानी भरने की स्थिति बताए जाने के बाद 09 अगस्त को ब्रेन सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति गंभीर बनी रही और 13 अगस्त की रात उसे विशाखापट्टनम ले जाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 14 और 21 की संवैधानिक भावना के अनुरूप गरीब एवं आदिवासी मरीज को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह चिकित्सा व्यवस्था मिलना आवश्यक है। इसलिए सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि ब्रेन सर्जरी का चिकित्सकीय आधार क्या था, आवश्यक MRI/CT एवं अन्य जांच हुई या नहीं, स्वतंत्र विशेषज्ञ की राय ली गई या नहीं, विधिसम्मत informed consent लिया गया या नहीं तथा ऑपरेशन और post-operative critical care निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं।

मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित करने की मांग
मोर्चा ने मरीज के सभी मूल एवं डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित करने, जिसमें OPD/IPD रिकॉर्ड, MRI/CT एवं मूल imaging data, clinical notes, pre-operative assessment, operation एवं anesthesia charts, ICU/nursing records, दवा रिकॉर्ड, consent forms, referral documents, laboratory reports, billing एवं सरकारी स्वास्थ्य योजना संबंधी रिकॉर्ड तथा इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड का audit trail शामिल है, सुरक्षित रखने की मांग की है।
स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड और PPP ऑडिट की मांग
नवनीत चाँद ने कहा कि संबंधित अस्पताल से बाहर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, मेडिसिन एवं रेडियोलॉजी विशेषज्ञों का स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड बनाया जाए। बोर्ड यह जांचे कि सर्जरी वास्तव में medically indicated थी या नहीं, pre-operative evaluation और informed consent की प्रक्रिया सही थी या नहीं तथा ऑपरेशन एवं बाद की चिकित्सा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
साथ ही यदि कोंटिनेंटल अस्पताल PPP मॉडल के अंतर्गत संचालित है तो PPP Agreement की point-wise compliance एवं Third Party Performance Audit कराई जाए। अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्धता, ICU/OT/Emergency सुविधाएं, मानव संसाधन, service level, शिकायत निवारण, सरकारी निरीक्षण, performance reports तथा contractual penalty/default provisions की भी जांच की जाए।
NMDC और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के धन की भी जांच
मोर्चा ने मांग की कि यदि NMDC अथवा किसी अन्य सार्वजनिक उपक्रम द्वारा अस्पताल को CSR, वित्तीय सहायता, उपकरण अथवा infrastructure support दिया गया है तो उसकी Financial एवं Utilization Audit कराई जाए। साथ ही भोला कश्यप का उपचार आयुष्मान भारत, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अथवा किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत हुआ हो तो स्वीकृत package, वास्तविक उपचार, pre/post authorization और किए गए सरकारी भुगतान की स्वतंत्र जांच की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने पिछले कम से कम तीन वर्षों की अस्पताल संबंधी विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट, लाइसेंस/पंजीयन अनुपालन, specialist availability, patient grievance records एवं adverse medical events की भी समीक्षा करने की मांग की।
नवनीत चाँद ने कहा, “बस्तर के गरीब और आदिवासी मरीजों को केवल अस्पताल नहीं, सुरक्षित और जवाबदेह स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए। यदि जांच में सब कुछ नियमानुसार पाया जाता है तो संबंधित अस्पताल को तथ्यात्मक रूप से क्लीन चिट मिलेगी, लेकिन यदि चिकित्सा लापरवाही, रिकॉर्ड में गड़बड़ी, PPP अनुबंधीय चूक या सरकारी निगरानी की विफलता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
प्रतिनिधिमंडल का संयुक्त बयान
बस्तर जिला अध्यक्ष संतु कश्यप, जगदलपुर नगर मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रिया यादव, बस्तर विधानसभा अध्यक्ष वनमाली बघेल, चित्रकूट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल, जगदलपुर नगर मंडल यूथ अध्यक्ष प्रतीक जॉन एवं जगदलपुर मंडल महामंत्री निहारिका सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि भोला कश्यप प्रकरण को दबाने के बजाय इसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। गरीब आदिवासी परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को देखते हुए उसके आगे के उपचार में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा नहीं आने दी जाए तथा जिला प्रशासन एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन, PPP संचालन संस्था अथवा लापरवाह सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही उनके अधिकार क्षेत्र एवं लागू कानूनों के अनुसार तय की जाए और जांच की निष्कर्षात्मक रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से समयबद्ध जांच कर भोला कश्यप को न्याय, परिवार को आवश्यक सहायता और बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था को जवाबदेही देने की मांग की।
Author: RashtraVadi News
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